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शुक्रवार, 29 मई 2020

स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा (HEALTH AND HEALTH EDUCATION

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स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा

(HEALTH AND HEALTH EDUCATION)

स्वास्थ्य बहुत ही आम विषय है और इसी तरह स्वास्थ्य शिक्षा का भी अपना महत्व है। स्वस्थ लोग एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करते हैं। यह कह स्पष्ट करना आवश्यक है कि स्वास्थ्य से भाव सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति से नहीं बल्कि स्वास्थ्य शब्द ही अपने आप में बात व्यापक है। इस अध्याय में स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा के व्यापक अर्थ का वर्णन करने के अलावा स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा को परिभाषा, स्वास्थ्य के अलग-अलग रूपों प और स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य, कार्य सिधा क महस्य की मी चर्या की गई है।

स्वास्थ्य  का   अर्थ (MEANING OF HEALTH)

किसी भी देश की ताकत व मजबूती के लोगों के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। लोगों के स्वास्थ्य का भविष्य एक बड़ी हद तक इस तथ्य पर निर्भर करता है कि स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने, सुधारने च संभालने के लिए क्या कुछ किया जाता है। स्वास्थ्य मानव को मियादी अधिकार है और इसकी तरफ ध्यान भी इसी तरह का दिया जाना चाहिए। जैसे जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अच्छा नागरिक होना अत्यंत जरूरी होता है, ठीक उसी तरह कोमी खुशहाली सिर्फ तभी संभव हो सकती ह. जब काम या देश के नागरिक स्वस्थ होगे। ऐसी चर्चा के दौरान यह सवाल मन में उतना स्वाभाविक ही ह कि आखिर स्वास्थ्य है क्या चीज? यह किस बात पर निर्भर करता है?

शब्दकोश में स्वास्थ्य को बीमारियों से मूकि, स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन वाली अवस्था या उस अवस्था जैसी व्याख्यायित किया गया है जिसमें "शरीर व मन अपने-अपने कार्य निर्विन करते हैं। पहले स्वास्थ्य को शारीरिक सुरक्षा व निरोगी होने की अवस्था ही माना जाता था। पर इस विषय का अधिक खोजपरक व गहन अध्ययन यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य का घेरा कहीं तहत व्यापक है। सम्पूर्ण स्वास्थ्य वह अवस्था है जो कि मनुष्य को अपना जीवन हर तरह भरपूर हग से जीने का योग्य बनाती है। स्वास्थ्य वह शारीरिक योग्यता है जो कि शरीर को लगतार बदलते हालात के अनुसार चलने के काबिल बनाती है और जिसका उपयोग शरीर को ताकत देने, अधिक जानदार बनाने एवं इसमें कावट का मुकाबला करने को सक्षमता विकसित करने के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य को कई भार मूवी, इंदियों सम्बन्धी नसा की पेशियों सम्बन्धी और भावनात्मक विकास का असल नतीजा माना जाता है। स्वास्थ्य को मनुष्य का सबसे बड़ा स्थान कहा जाता है। जिसका स्वास्थ्य अच्छा है. उससे यह उम्मीद को जाती है कि वह इसका पूरा सवाल करें हक जाना उसके हाथों से ही न निकल जाये इस उदेश्य की पूर्ति के लिए उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि स्वास्थ्य के लिए कैसे जिया जाता है। स्वास्थ्य केवल रोग मुक्त होने तक सीमित नहीं है, ना तो एक जोते आगतं स्वास्थ्य का सार्थक गुण है। फिटनेस होने पर अपना काम करने में कोई ढोल की आवश्यकता महरम नहीं होती और काम करके सुशी मिलती है। स्वास्थ्य अपने आप में जीवन जो है। हमें तो या दुआ करनी चाहिए कि सीवन की ते फिटनेस या तंदरुस्ती को उत्साहित करें। स्वास्थ्य कोई अन्यष्ट चीज नहीं ५ बहुत पृथक ज।म म मारी से मुक्ति पाकर बेहतर स्वास्थ्य और फिर साथ स्वास्थ्य का श्रम सहन हो देख सकते /




स्वास्थ्य अब धीरे-धीरे इस धारणा को त्यागतं जा रहे है कि स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों का इलाज या इनको रोकथाम तक ही सीमित है। उनका स्वास्थ्य के प्रति जो संकल्प अब है उसमें इस बात पर जोर दिया जाता है कि अपना स्वास्थ्य या भलाई का ख्याल रखना व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी है। यहां यह स्पष्ट किया जाता है कि स्वास्थ्य न तो अचल या स्थिर है और न ही बाहरी हालात से बिल्कुल अहता होता है। हमारा स्वास्थ्य तो अपने चारों ओर के वातावरण में हिस्सेदारी और एक-दूसरे को समझने की हमारी सामर्थ्य पर निर्भर करता है। इसी तरह हम जहां रहते हैं, क्या पेशा करते हैं, क्या आहार लेते है कौन-सा पानी पीते हैं और किस किस्म की हवा में सांस लेते हैं. यह सारे तथ्य हमारे स्वास्थ्य की देख-रेख के लिए बहुत अहम् है। अब हम इस नतीजे पर भी पहुंचने लगे हैं कि स्वास्थ्य हमारे मन, वातावरण व जीवन शैली से भी बड़ी जटिलता से जुड़ा हुआ है। शिक्षा प्राप्ति, खुशी प्राप्ति, सफलता की प्राप्ति और प्रभावशाली नागरिक बनने जैसी प्राप्तियों के लिए अच्छा स्वास्थ्य बुनियादी आवश्यकता है। आयुर्वेद में 'स्वास्थ्य' को संतुलित मेटाबोलिज्म क्रिया एक खुशी से भरपूर अवस्था और मन व इंद्रियों के तनावमुक्त होने की दशा को बताया गया है। स्वास्थ्य के हो प्रसंग में स्वामी विवेकानंद ने कहा है, "एक कमजोर आदमी, जिसका शरीर या मन कमजोर है, वह कभी भी मजयूत काया का मालिक नहीं बन सकता।' अरस्तु ने भी यही कहा कि स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर के ही अन्दर बसता है। स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक तौर पर भला-बंगा होने या ऐसा ही महसूस करने अवस्था है। अच्छा स्वास्थ्य लोगों को जिन्दगी का लुत्फ लेने के योग्य बनाता है और उन उद्देश्यों को हासिल करने का अवसर देती है जिन्हें हमने अपनी तरफ से निर्धारित किया हुआ हो। स्वास्थ्य का मुख्य मन्तव्य शरीर के अन्दर जोश व ताकत को विकसित करना और जिंदगी को ऐसी रुचियों व आदतों को विकसित करना है जो देखने में भी तंदुरुस्त लगे और साथ ही व्यक्ति की कार्यकुशलता को सुधारने में मददगार मावित हो। स्वास्थ्य के संकल्प को जे०एफ० विलियम्स ने बहुत सुलझे हुए ढंग से परिभाषित किया है, "स्वास्थ्य जिन्दगी की वह गुणवत्ता है जो व्यक्ति को जिंदगी का पूरा लुत्फ लेने और बेहतरीन काम करने के योग्य बनाती है।" यनियादी शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक व सामाजिक आवश्यकताओं को सही मात्रा में पूरा करके स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है. बरकरार रखा जा सकता है और सुधारा जा सकता हा दरअसल स्वास्थ्य ही शिक्षा, सफलता, अच्छी नागरिकता और सी जीवन की कुंजी है। आजकल स्वास्थ्य व इसकी संभाल को बड़ा सामाजिक निवेश माना जाने लगा है और महसूस किया जाता है कि स्वास्थ्य को उत्साहित करना व्यक्तिगत राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।

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